
बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी फुहारों के साथ-साथ इंफेक्शन, पाचन संबंधी समस्या व कमजोर इम्यूनिटी का खतरा भी लेकर आता है। आयुर्वेद के अनुसार वर्षा ऋतु में शरीर का अग्नि कारक कमजोर पड़ जाता है, जिससे खाना ठीक से पच नहीं पाता। ऐसे में हल्का, गर्म और ताजा भोजन खाने की सलाह दी जाती है, जो पाचन को बेहतर बनाने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं।
अगर आप भी इस मानसून में स्वस्थ व निरोग रहना चाहते हैं, तो इन 5 पारंपरिक आयुर्वेदिक भारतीय व्यंजनों को जरूर ट्राई करें।
मूंग दाल खिचड़ी
मूंग दाल और चावल से बनी खिचड़ी मानसून के लिए सबसे बेहतरीन भोजन मानी जाती है। यह हल्की होती है, आसानी से पच जाती है और शरीर को जरूरी पोषण भी देती है। इसमें घी, जीरा, अदरक और हल्दी जैसे मसाले मिलाने से इसका स्वाद और पाचन संबंधी फायदे दोनों बढ़ जाते हैं।

मानसून डाइट (फोटो.सोशल मीडिया)
रसम
दक्षिण भारत का पारंपरिक व्यंजन रसम स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना है। इमली, काली मिर्च, जीरा, लहसुन और करी पत्ते से तैयार यह पतला सूप पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करता है। मानसून में इसे गरमा-गरम पीना शरीर को आराम देता है और गले की तकलीफ में भी राहत पहुंचा सकता है।

कांजी
कांजी एक पारंपरिक प्रोबायोटिक पेय है, जिसे काली गाजर या चुकंदर, सरसों और मसालों से तैयार किया जाता है। इसमें मौजूद गुड बैक्टीरिया आंतों के माइक्रोबायोम को संतुलित रखने में मदद करते हैं, जिससे पाचन बेहतर रहता है। इसे सीमित मात्रा में और स्वच्छ तरीके से तैयार करके ही सेवन करें।

अदरक-तुलसी का काढ़ा
बारिश के मौसम में अदरक, तुलसी, काली मिर्च और दालचीनी से बना हर्बल काढ़ा शरीर को गर्माहट देने के साथ मौसमी संक्रमण से बचाने में मदद कर सकता है। हालांकि इसे दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि संतुलित आहार का हिस्सा समझना चाहिए।

मसाला दाल सूप
मूंग या मसूर की दाल से बना गर्म सूप मानसून में हल्का और पौष्टिक विकल्प है। इसमें हल्दी, काली मिर्च, हींग और जीरा जैसे मसाले डालने से स्वाद बढ़ता है और पाचन तंत्र को भी सहारा मिलता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है।

मानसून डाइट में इन बातों का भी रखें ध्यान
- हमेशा ताजा और गर्म भोजन खाएं।
- बासी, कच्चे और बहुत तले-भुने भोजन से बचें।
- पर्याप्त मात्रा में उबला या साफ पानी पिएं।
- बाहर का स्ट्रीट फूड और अस्वच्छ भोजन खाने से बचें।
- भोजन में अदरक, हल्दी, जीरा, काली मिर्च और हींग जैसे मसालों का संतुलित उपयोग करें।

बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी फुहारों के साथ-साथ इंफेक्शन, पाचन संबंधी समस्या व कमजोर इम्यूनिटी का खतरा भी लेकर आता है। आयुर्वेद के अनुसार वर्षा ऋतु में शरीर का अग्नि कारक कमजोर पड़ जाता है, जिससे खाना ठीक से पच नहीं पाता। ऐसे में हल्का, गर्म और ताजा भोजन खाने की सलाह दी जाती है, जो पाचन को बेहतर बनाने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं।
अगर आप भी इस मानसून में स्वस्थ व निरोग रहना चाहते हैं, तो इन 5 पारंपरिक आयुर्वेदिक भारतीय व्यंजनों को जरूर ट्राई करें।
मूंग दाल खिचड़ी
मूंग दाल और चावल से बनी खिचड़ी मानसून के लिए सबसे बेहतरीन भोजन मानी जाती है। यह हल्की होती है, आसानी से पच जाती है और शरीर को जरूरी पोषण भी देती है। इसमें घी, जीरा, अदरक और हल्दी जैसे मसाले मिलाने से इसका स्वाद और पाचन संबंधी फायदे दोनों बढ़ जाते हैं।

मानसून डाइट (फोटो.सोशल मीडिया)
रसम
दक्षिण भारत का पारंपरिक व्यंजन रसम स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना है। इमली, काली मिर्च, जीरा, लहसुन और करी पत्ते से तैयार यह पतला सूप पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करता है। मानसून में इसे गरमा-गरम पीना शरीर को आराम देता है और गले की तकलीफ में भी राहत पहुंचा सकता है।

कांजी
कांजी एक पारंपरिक प्रोबायोटिक पेय है, जिसे काली गाजर या चुकंदर, सरसों और मसालों से तैयार किया जाता है। इसमें मौजूद गुड बैक्टीरिया आंतों के माइक्रोबायोम को संतुलित रखने में मदद करते हैं, जिससे पाचन बेहतर रहता है। इसे सीमित मात्रा में और स्वच्छ तरीके से तैयार करके ही सेवन करें।

अदरक-तुलसी का काढ़ा
बारिश के मौसम में अदरक, तुलसी, काली मिर्च और दालचीनी से बना हर्बल काढ़ा शरीर को गर्माहट देने के साथ मौसमी संक्रमण से बचाने में मदद कर सकता है। हालांकि इसे दवा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि संतुलित आहार का हिस्सा समझना चाहिए।

मसाला दाल सूप
मूंग या मसूर की दाल से बना गर्म सूप मानसून में हल्का और पौष्टिक विकल्प है। इसमें हल्दी, काली मिर्च, हींग और जीरा जैसे मसाले डालने से स्वाद बढ़ता है और पाचन तंत्र को भी सहारा मिलता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखने में भी मदद करता है।

मानसून डाइट में इन बातों का भी रखें ध्यान
- हमेशा ताजा और गर्म भोजन खाएं।
- बासी, कच्चे और बहुत तले-भुने भोजन से बचें।
- पर्याप्त मात्रा में उबला या साफ पानी पिएं।
- बाहर का स्ट्रीट फूड और अस्वच्छ भोजन खाने से बचें।
- भोजन में अदरक, हल्दी, जीरा, काली मिर्च और हींग जैसे मसालों का संतुलित उपयोग करें।


Journalist खबरीलाल















