Breaking News

Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: विश्व मस्तिष्क दिवस 2026 : स्वस्थ मस्तिष्क ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी :

post


22 जुलाई को मनाया जाएगा विश्व मस्तिष्क दिवस, इस वर्ष की थीम – "ब्रेन हेल्थ: एक्सेस फॉर ऑल"

रायपुर। हमारे सोचने, समझने, याद रखने, निर्णय लेने, बोलने और चलने जैसी हर गतिविधि का संचालन मस्तिष्क करता है। बावजूद इसके, अधिकांश लोग अपने मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर तब तक ध्यान नहीं देते, जब तक कोई गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी सामने न आ जाए। इसी जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से हर वर्ष 22 जुलाई को विश्व मस्तिष्क दिवस (World Brain Day) मनाया जाता है।

इस वर्ष विश्व मस्तिष्क दिवस 2026 की थीम "ब्रेन हेल्थ: एक्सेस फॉर ऑल" है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी क्षेत्र या आर्थिक स्थिति से हो, मस्तिष्क संबंधी बीमारियों की जानकारी, समय पर जांच, उचित उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध हों।

मस्तिष्क है शरीर का नियंत्रण केंद्र - मानव मस्तिष्क शरीर के वजन का केवल लगभग 2 प्रतिशत होता है, लेकिन यह शरीर की कुल ऑक्सीजन और ऊर्जा का लगभग 20 प्रतिशत उपयोग करता है। यही कारण है कि स्वस्थ मस्तिष्क के बिना स्वस्थ जीवन की कल्पना संभव नहीं है।

बढ़ रही हैं न्यूरोलॉजिकल बीमारियां - आज दुनिया भर में स्ट्रोक, डिमेंशिया, पार्किंसन रोग, मिर्गी, माइग्रेन, मल्टीपल स्क्लेरोसिस जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। अच्छी बात यह है कि इनमें से कई बीमारियों को स्वस्थ जीवनशैली और समय पर उपचार के माध्यम से रोका या उनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण सलाह – रक्तचाप रखें नियंत्रित - विशेषज्ञों के अनुसार यदि मस्तिष्क को स्वस्थ रखना है तो रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को नियंत्रित रखना सबसे जरूरी है। उच्च रक्तचाप को "साइलेंट किलर" कहा जाता है क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट लक्षण के वर्षों तक मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता रहता है। यही स्ट्रोक, वास्कुलर डिमेंशिया और याददाश्त कमजोर होने का प्रमुख कारण बन सकता है।

स्वस्थ मस्तिष्क के लिए अपनाएं ये 5 आदतें - 

नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं।

सप्ताह में अधिकांश दिनों कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।

फल, सब्जियां, साबुत अनाज, मेवे और संतुलित आहार लें तथा नमक, चीनी और जंक फूड से बचें।

तंबाकू का सेवन न करें और शराब का सीमित उपयोग करें।

पर्याप्त नींद लें, नई चीजें सीखें, पढ़ने की आदत विकसित करें और सामाजिक रूप से सक्रिय रहें।

स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज - यदि अचानक चेहरा टेढ़ा हो जाए, हाथ या पैर में कमजोरी महसूस हो, बोलने में कठिनाई हो, संतुलन बिगड़ जाए या अचानक दृष्टि धुंधली हो जाए तो तुरंत अस्पताल पहुंचें। स्ट्रोक के इलाज में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि समय पर उपचार लाखों मस्तिष्क कोशिकाओं को बचा सकता है।

सभी की जिम्मेदारी है मस्तिष्क की सुरक्षा - विशेषज्ञों का कहना है कि मस्तिष्क को स्वस्थ रखना केवल डॉक्टरों या अस्पतालों की जिम्मेदारी नहीं है। इसकी शुरुआत घर से होती है। परिवार, विद्यालय, कार्यस्थल, समाज और सरकार सभी मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करें, जहां हर व्यक्ति को बेहतर न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।

संदेश - विश्व मस्तिष्क दिवस पर आइए संकल्प लें कि हम अपने मस्तिष्क की देखभाल प्रतिदिन करेंगे। क्योंकि स्वस्थ मस्तिष्क ही स्वस्थ, सफल और सम्मानजनक जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।



22 जुलाई को मनाया जाएगा विश्व मस्तिष्क दिवस, इस वर्ष की थीम – "ब्रेन हेल्थ: एक्सेस फॉर ऑल"

रायपुर। हमारे सोचने, समझने, याद रखने, निर्णय लेने, बोलने और चलने जैसी हर गतिविधि का संचालन मस्तिष्क करता है। बावजूद इसके, अधिकांश लोग अपने मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर तब तक ध्यान नहीं देते, जब तक कोई गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी सामने न आ जाए। इसी जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से हर वर्ष 22 जुलाई को विश्व मस्तिष्क दिवस (World Brain Day) मनाया जाता है।

इस वर्ष विश्व मस्तिष्क दिवस 2026 की थीम "ब्रेन हेल्थ: एक्सेस फॉर ऑल" है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी क्षेत्र या आर्थिक स्थिति से हो, मस्तिष्क संबंधी बीमारियों की जानकारी, समय पर जांच, उचित उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध हों।

मस्तिष्क है शरीर का नियंत्रण केंद्र - मानव मस्तिष्क शरीर के वजन का केवल लगभग 2 प्रतिशत होता है, लेकिन यह शरीर की कुल ऑक्सीजन और ऊर्जा का लगभग 20 प्रतिशत उपयोग करता है। यही कारण है कि स्वस्थ मस्तिष्क के बिना स्वस्थ जीवन की कल्पना संभव नहीं है।

बढ़ रही हैं न्यूरोलॉजिकल बीमारियां - आज दुनिया भर में स्ट्रोक, डिमेंशिया, पार्किंसन रोग, मिर्गी, माइग्रेन, मल्टीपल स्क्लेरोसिस जैसी न्यूरोलॉजिकल बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। अच्छी बात यह है कि इनमें से कई बीमारियों को स्वस्थ जीवनशैली और समय पर उपचार के माध्यम से रोका या उनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

सबसे महत्वपूर्ण सलाह – रक्तचाप रखें नियंत्रित - विशेषज्ञों के अनुसार यदि मस्तिष्क को स्वस्थ रखना है तो रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को नियंत्रित रखना सबसे जरूरी है। उच्च रक्तचाप को "साइलेंट किलर" कहा जाता है क्योंकि यह बिना किसी स्पष्ट लक्षण के वर्षों तक मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता रहता है। यही स्ट्रोक, वास्कुलर डिमेंशिया और याददाश्त कमजोर होने का प्रमुख कारण बन सकता है।

स्वस्थ मस्तिष्क के लिए अपनाएं ये 5 आदतें - 

नियमित रूप से ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच कराएं।

सप्ताह में अधिकांश दिनों कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।

फल, सब्जियां, साबुत अनाज, मेवे और संतुलित आहार लें तथा नमक, चीनी और जंक फूड से बचें।

तंबाकू का सेवन न करें और शराब का सीमित उपयोग करें।

पर्याप्त नींद लें, नई चीजें सीखें, पढ़ने की आदत विकसित करें और सामाजिक रूप से सक्रिय रहें।

स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज - यदि अचानक चेहरा टेढ़ा हो जाए, हाथ या पैर में कमजोरी महसूस हो, बोलने में कठिनाई हो, संतुलन बिगड़ जाए या अचानक दृष्टि धुंधली हो जाए तो तुरंत अस्पताल पहुंचें। स्ट्रोक के इलाज में हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि समय पर उपचार लाखों मस्तिष्क कोशिकाओं को बचा सकता है।

सभी की जिम्मेदारी है मस्तिष्क की सुरक्षा - विशेषज्ञों का कहना है कि मस्तिष्क को स्वस्थ रखना केवल डॉक्टरों या अस्पतालों की जिम्मेदारी नहीं है। इसकी शुरुआत घर से होती है। परिवार, विद्यालय, कार्यस्थल, समाज और सरकार सभी मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करें, जहां हर व्यक्ति को बेहतर न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।

संदेश - विश्व मस्तिष्क दिवस पर आइए संकल्प लें कि हम अपने मस्तिष्क की देखभाल प्रतिदिन करेंगे। क्योंकि स्वस्थ मस्तिष्क ही स्वस्थ, सफल और सम्मानजनक जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।


...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner