रायपुर, 24 अगस्त 2026। बढ़ती उम्र और आधुनिक जीवनशैली के कारण जोड़ों, हड्डियों और मांसपेशियों के दर्द से जूझ रहे प्रदेश के नागरिकों के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के तहत संचालित "ऑस्टियोआर्थराइटिस एवं मस्कुलोस्केलेटल विकार कार्यक्रम" एक वरदान साबित हो रहा है। आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ राज्य में राष्ट्रीय आयुष मिशनअंतर्गत संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के नागरिकों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों द्वारा सुरक्षित और प्रभावी स्वास्थ्य लाभपहुंचाया जा रहा है।
प्रदेश में यह कार्यक्रम पूरी सजगता के साथ संचालित किया जा रहा है, जिससे हजारों मरीजों को जोड़ों के दर्द और गठिया जैसी गंभीर समस्याओं से स्थाई राहत मिल रही है।इस राष्ट्रीय कार्यक्रम केअंतर्गत प्रदेश के आयुष केंद्रों में मरीजों को निम्नलिखित निःशुल्क उपचारसुविधाएं प्रदान की जा रही हैं:
1. विशेषज्ञ परामर्श व जांच: अनुभवी आयुष डॉक्टरों द्वारा जोड़ों के दर्द, साइटिका, रीढ़ की हड्डी की समस्याओं और गठिया (अर्थराइटिस) कीसटीक जांच और काउंसिलिंग की जाती है।
2. पंचकर्म एवं पारंपरिक थेरेपी: वात और दर्द से राहत दिलाने के लिएऔषधीय तेलों से मालिश (अभ्यंग), पोटली से सिकाई (स्वेदन), औरघुटनों व कमर के लिए विशेष थेरेपी (जानु बस्ति/कटी बस्ति) कीनिःशुल्क व्यवस्था है।
3. निःशुल्क औषधियां: मरीजों को दर्द निवारक और हड्डियों को पोषणदेने वाली आयुर्वेदिक एवं अन्य आयुष दवाएं मुफ्त प्रदान की जाती हैं।
4. योग एवं जीवनशैली परामर्श: जोड़ों का लचीलापन बनाए रखने केलिए विशेषज्ञों द्वारा विशेष योगासन सिखाए जाते हैं और खान-पान(पथ्य-अपथ्य) से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।
राज्य के सभी नागरिकों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए इसेजमीनी स्तर पर लागू किया गया है। वर्तमान में यह सुविधाएं प्रदेश के सभी146 विकासखंडों में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष स्क्रीनिंग शिविर आयोजित कर संचालित किया जा रहा है कार्यक्रम के प्रारंभ से अब तक राज्य में 3,97,334 जनसामान्य को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा चुका है।
रायपुर, 24 अगस्त 2026। बढ़ती उम्र और आधुनिक जीवनशैली के कारण जोड़ों, हड्डियों और मांसपेशियों के दर्द से जूझ रहे प्रदेश के नागरिकों के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के तहत संचालित "ऑस्टियोआर्थराइटिस एवं मस्कुलोस्केलेटल विकार कार्यक्रम" एक वरदान साबित हो रहा है। आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ राज्य में राष्ट्रीय आयुष मिशनअंतर्गत संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के नागरिकों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों द्वारा सुरक्षित और प्रभावी स्वास्थ्य लाभपहुंचाया जा रहा है।
प्रदेश में यह कार्यक्रम पूरी सजगता के साथ संचालित किया जा रहा है, जिससे हजारों मरीजों को जोड़ों के दर्द और गठिया जैसी गंभीर समस्याओं से स्थाई राहत मिल रही है।इस राष्ट्रीय कार्यक्रम केअंतर्गत प्रदेश के आयुष केंद्रों में मरीजों को निम्नलिखित निःशुल्क उपचारसुविधाएं प्रदान की जा रही हैं:
1. विशेषज्ञ परामर्श व जांच: अनुभवी आयुष डॉक्टरों द्वारा जोड़ों के दर्द, साइटिका, रीढ़ की हड्डी की समस्याओं और गठिया (अर्थराइटिस) कीसटीक जांच और काउंसिलिंग की जाती है।
2. पंचकर्म एवं पारंपरिक थेरेपी: वात और दर्द से राहत दिलाने के लिएऔषधीय तेलों से मालिश (अभ्यंग), पोटली से सिकाई (स्वेदन), औरघुटनों व कमर के लिए विशेष थेरेपी (जानु बस्ति/कटी बस्ति) कीनिःशुल्क व्यवस्था है।
3. निःशुल्क औषधियां: मरीजों को दर्द निवारक और हड्डियों को पोषणदेने वाली आयुर्वेदिक एवं अन्य आयुष दवाएं मुफ्त प्रदान की जाती हैं।
4. योग एवं जीवनशैली परामर्श: जोड़ों का लचीलापन बनाए रखने केलिए विशेषज्ञों द्वारा विशेष योगासन सिखाए जाते हैं और खान-पान(पथ्य-अपथ्य) से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते हैं।
राज्य के सभी नागरिकों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए इसेजमीनी स्तर पर लागू किया गया है। वर्तमान में यह सुविधाएं प्रदेश के सभी146 विकासखंडों में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष स्क्रीनिंग शिविर आयोजित कर संचालित किया जा रहा है कार्यक्रम के प्रारंभ से अब तक राज्य में 3,97,334 जनसामान्य को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा चुका है।


Journalist खबरीलाल















