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Bilaspur (खबरीलाल न्यूज़) :: साइबर जागृति अभियान के तहत एसईसीएल (SOUTH EAST COALFIELD LIMITED) मुख्यालय बिलासपुर एवं द्वितीय वाहिनी सकरी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित :

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khabrilalसाइबर अपराधों से बचाव एवं आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से *बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग  के निर्देशन  में संचालित “साइबर जागृति अभियान” के तहत SECL बिलासपुर एवं द्वितीय वाहिनी सकरी में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।SECL के मुख्यालय बिलासपुर के सभागार में साइबर जागरूकता के कार्यक्रम के दौरान  रेंज के आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों को वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम के लिए तीन आवश्यक वस्तु एक आपका मोबाइल, दूसरा ठग का मोबाइल और तीसरा आपका अकाउंट, इसी तीनो के माध्यम से साइबर क्राइम की जाती है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, फर्जी लिंक, APK फाइल, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट तथा ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए गए।साइबर क्राइम में आपके मानसिक और भावनात्मक तथ्यों पर ध्यान केंद्रित कर प्रहार किया जाता है, आपके परिवार, आपके अकाउंट बैंक बैलेंस और आपकी निजी जानकारी के आधार पर निशान साधते हैं ।बिलासपुर पुलिस के कप्तान उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह द्वारा SECL के जागरूकता  कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को समझाया गया कि साइबर अपरेधियों द्वारा किस तरह नए- नए हथकंडे अपने जा रहे हैं उन्होंने बताया किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, बैंक खाते की जानकारी एवं पासवर्ड साझा न करें तथा अनजान लिंक, संदिग्ध वेबसाइट एवं मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से बचें। उदाहरण देकर बताए कि अपने दोस्त आपके रिश्तेदार या कोई बैंक, पुलिस या अन्य अधिकारी बनकर ठगी करते हैं ऐसे में अपना धर्य न खोते हुए संबधित व्यक्ति या ऑफिस से संपर्क कर वास्तविकता की जांच कर कदम उठाए, ऐसे कोई संदेह होने पर पुलिस से शिकायत दर्ज कराए, साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में साइबर अपराधों से संबंधित  विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई गई  तथा बताया गया कि आज स्कैमर किस तरह नए - नए तरीकों से  स्कैम कर रहे है तथा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने परिवार, सहकर्मियों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के दौरान रक्षाबंधन पर्व के मद्देनज़र एक रक्षा सूत्र साइबर जागृति हेतु का शुभारंभ किया गया किया गया सभी को राखी बाँधी गई जिसने सभी के लिए साइबर सुरक्षा और साइबर जागृति का संदेश दिया गया ।कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता हेतु प्रश्न उत्तर हेतु लिंक सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया है जिसमें साइबर क्राइम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई और उसी से सम्बंधित प्रश्न हैं जिनके उत्तर देने पर आपको बिलासपुर पुलिस द्वारा आपके ईमेल पर प्रमाण पत्र प्रदान किया जा रहा है, सभी को इसमें हिस्सा लेकर साइबर जागृति अभियान में सहयोग करने की अपील की गई। इसी प्रकार बिलासपुर पुलिस से जुड़ने के लिए फेसबुक इंस्टाग्राम पेज पर फ़ॉलो और लाइक करें, और QR स्कैन करे अपने और अपने परिवार के सदस्यों की सेल्फी लेकर अपने स्टेटस लगाएं सोशल मीडिया पर पोस्ट और शेयर करें एयर साइबर जागृति अभियान का हिस्सा बनें ।

कार्यक्रम के अंत में सभी से अपील की गई कि “सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।” वहीं दूसरी वाहिनी (छसबल) में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने अधिकारी/कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा लालच से बचे और अनजाने लिंक क्लिक न करे किसी से otp शेयर न करें, और साइबर फ्रॉड होजाता है तो तत्काल 1930 में कॉल करे।उक्त कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग, उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे, उप पुलिस अधीक्षक तिलेश्वर प्रसाद यादव, उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) मंजुलता केरकेट्टा एवं SECL  बिलासपुर के एन. फ्रैंकलिन जयकुमार — निदेशक (तकनीकी एवं परिचालन)

बिरंची दास — निदेशक (मानव संसाधन), रमेश चंद्र महापात्र — निदेशक (तकनीकी, परियोजना एवं योजना)  एवं अन्य पुलिस अधिकारी/ कर्मचारियों के साथ SECL के सदस्यों/कर्मचारियों  की बड़ी संख्या मेंगरिमामय उपस्थिति रही।



khabrilalसाइबर अपराधों से बचाव एवं आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से *बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री रामगोपाल गर्ग  के निर्देशन  में संचालित “साइबर जागृति अभियान” के तहत SECL बिलासपुर एवं द्वितीय वाहिनी सकरी में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।SECL के मुख्यालय बिलासपुर के सभागार में साइबर जागरूकता के कार्यक्रम के दौरान  रेंज के आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों को वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम के लिए तीन आवश्यक वस्तु एक आपका मोबाइल, दूसरा ठग का मोबाइल और तीसरा आपका अकाउंट, इसी तीनो के माध्यम से साइबर क्राइम की जाती है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, फर्जी लिंक, APK फाइल, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट तथा ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए गए।साइबर क्राइम में आपके मानसिक और भावनात्मक तथ्यों पर ध्यान केंद्रित कर प्रहार किया जाता है, आपके परिवार, आपके अकाउंट बैंक बैलेंस और आपकी निजी जानकारी के आधार पर निशान साधते हैं ।बिलासपुर पुलिस के कप्तान उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह द्वारा SECL के जागरूकता  कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को समझाया गया कि साइबर अपरेधियों द्वारा किस तरह नए- नए हथकंडे अपने जा रहे हैं उन्होंने बताया किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, बैंक खाते की जानकारी एवं पासवर्ड साझा न करें तथा अनजान लिंक, संदिग्ध वेबसाइट एवं मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से बचें। उदाहरण देकर बताए कि अपने दोस्त आपके रिश्तेदार या कोई बैंक, पुलिस या अन्य अधिकारी बनकर ठगी करते हैं ऐसे में अपना धर्य न खोते हुए संबधित व्यक्ति या ऑफिस से संपर्क कर वास्तविकता की जांच कर कदम उठाए, ऐसे कोई संदेह होने पर पुलिस से शिकायत दर्ज कराए, साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करने की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में साइबर अपराधों से संबंधित  विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई गई  तथा बताया गया कि आज स्कैमर किस तरह नए - नए तरीकों से  स्कैम कर रहे है तथा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने परिवार, सहकर्मियों एवं आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम के दौरान रक्षाबंधन पर्व के मद्देनज़र एक रक्षा सूत्र साइबर जागृति हेतु का शुभारंभ किया गया किया गया सभी को राखी बाँधी गई जिसने सभी के लिए साइबर सुरक्षा और साइबर जागृति का संदेश दिया गया ।कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर पुलिस द्वारा साइबर जागरूकता हेतु प्रश्न उत्तर हेतु लिंक सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया है जिसमें साइबर क्राइम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई और उसी से सम्बंधित प्रश्न हैं जिनके उत्तर देने पर आपको बिलासपुर पुलिस द्वारा आपके ईमेल पर प्रमाण पत्र प्रदान किया जा रहा है, सभी को इसमें हिस्सा लेकर साइबर जागृति अभियान में सहयोग करने की अपील की गई। इसी प्रकार बिलासपुर पुलिस से जुड़ने के लिए फेसबुक इंस्टाग्राम पेज पर फ़ॉलो और लाइक करें, और QR स्कैन करे अपने और अपने परिवार के सदस्यों की सेल्फी लेकर अपने स्टेटस लगाएं सोशल मीडिया पर पोस्ट और शेयर करें एयर साइबर जागृति अभियान का हिस्सा बनें ।

कार्यक्रम के अंत में सभी से अपील की गई कि “सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।” वहीं दूसरी वाहिनी (छसबल) में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने अधिकारी/कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा लालच से बचे और अनजाने लिंक क्लिक न करे किसी से otp शेयर न करें, और साइबर फ्रॉड होजाता है तो तत्काल 1930 में कॉल करे।उक्त कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग, उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे, उप पुलिस अधीक्षक तिलेश्वर प्रसाद यादव, उप पुलिस अधीक्षक (लाइन) मंजुलता केरकेट्टा एवं SECL  बिलासपुर के एन. फ्रैंकलिन जयकुमार — निदेशक (तकनीकी एवं परिचालन)

बिरंची दास — निदेशक (मानव संसाधन), रमेश चंद्र महापात्र — निदेशक (तकनीकी, परियोजना एवं योजना)  एवं अन्य पुलिस अधिकारी/ कर्मचारियों के साथ SECL के सदस्यों/कर्मचारियों  की बड़ी संख्या मेंगरिमामय उपस्थिति रही।


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