बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर से अवैध संबंध और हत्या की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जहां एक युवक ने अपने चाचा को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। क्योंकि उसका चाची के साथ पांच साल से अवैध संबंध थे। चाचा फारूक दुबई में रहते थे लेकिन लौटते ही उनको इसकी भनक लग गई थी।
बिजनौर के अपर पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेयी ने बताया कि यह हत्या मृतक की पत्नी और उसके भतीजे के बीच की साजिश का नतीजा है और आरोपी भतीजे ने अपने एक दोस्त की मदद से इस हत्या को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों की उम्र करीब 20 साल है। बाद में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद आरोपी भतीजे मेहरबान और उसके साथी उमर को धर दबोचा है।
एएसपी संजीव वाजपेयी ने मीडिया बताया कि किरतपुर के ढोलकिया निवासी 35 वर्षीय फारूक का गोलियों से छलनी शव सोमवार को रामपुर आशा गांव के पास जंगल से बरामद किया गया था। इसके बाद से ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि दो लोग उसे मोटरसाइकिल पर वहां लेकर आए थे और गोली मारकर फरार हो गए।
पीड़िता के भाई नईम की शिकायत के बाद मेहरबान और उमर के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने मंगलवार देर रात अमन कॉलोनी के पास दोनों को रोकने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की।
जिसमें मेहरबान के पैर में गोली लग गई और उमर के साथ उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से दो देसी तमंचे, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है। पूछताछ में मेहरबान ने अपनी चाची अमरीन से पांच साल से प्रेम संबंध होने की बात कबूल की है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संजीव वाजपेयी ने बताया कि जब उसे अपनी पत्नी और भतीजे के अवैध संबंधों के बारे में पता चला तो फारूक अपनी पत्नी के साथ बदसलूकी करने लगा। इसलिए उन्होंने उसकी हत्या की योजना बनाई थी। अब मृतक की पत्नी से पूछताछ समेत आगे की कार्रवाई चल रही है।
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर से अवैध संबंध और हत्या की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जहां एक युवक ने अपने चाचा को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। क्योंकि उसका चाची के साथ पांच साल से अवैध संबंध थे। चाचा फारूक दुबई में रहते थे लेकिन लौटते ही उनको इसकी भनक लग गई थी।
बिजनौर के अपर पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेयी ने बताया कि यह हत्या मृतक की पत्नी और उसके भतीजे के बीच की साजिश का नतीजा है और आरोपी भतीजे ने अपने एक दोस्त की मदद से इस हत्या को अंजाम दिया। दोनों आरोपियों की उम्र करीब 20 साल है। बाद में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद आरोपी भतीजे मेहरबान और उसके साथी उमर को धर दबोचा है।
एएसपी संजीव वाजपेयी ने मीडिया बताया कि किरतपुर के ढोलकिया निवासी 35 वर्षीय फारूक का गोलियों से छलनी शव सोमवार को रामपुर आशा गांव के पास जंगल से बरामद किया गया था। इसके बाद से ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि दो लोग उसे मोटरसाइकिल पर वहां लेकर आए थे और गोली मारकर फरार हो गए।
पीड़िता के भाई नईम की शिकायत के बाद मेहरबान और उमर के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने मंगलवार देर रात अमन कॉलोनी के पास दोनों को रोकने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की।
जिसमें मेहरबान के पैर में गोली लग गई और उमर के साथ उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से दो देसी तमंचे, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है। पूछताछ में मेहरबान ने अपनी चाची अमरीन से पांच साल से प्रेम संबंध होने की बात कबूल की है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) संजीव वाजपेयी ने बताया कि जब उसे अपनी पत्नी और भतीजे के अवैध संबंधों के बारे में पता चला तो फारूक अपनी पत्नी के साथ बदसलूकी करने लगा। इसलिए उन्होंने उसकी हत्या की योजना बनाई थी। अब मृतक की पत्नी से पूछताछ समेत आगे की कार्रवाई चल रही है।



Journalist खबरीलाल














