वेट लॉस के लिए और हेल्दी रहने के लिए आजकल फैंसी डाइट काफी ज्यादा एक्टिव हो गई है। लोग मार्केट में मिलने वाले हेल्दी सब्स्टीट्यूट को खरीद रहे हैं और इसे डाइट में शामिल रहे हैं। लेकिन ये फूड्स ना केवल बॉडी में कैलोरी की मात्रा बढ़ाते हैं बल्कि इनमे मौजूद प्रिजरवेटिव्स हेल्थ के लिए हार्मफुल होते हैं। ऐसे में हेल्दी समझकर अगर ये फूड्स खाते हैं तो फौरन छोड़ दें।
हेल्दी प्रोटीन कुकीज
मार्केट में इंस्टेंट खाने के लिए हेल्दी कुकीज मिलती है। वेट लॉस के लिए काफी सारे लोग इन कुकीज को खाना पसंद करते हैं। हाई फाइबर और प्रोटीन रिच का दावा करने वाले के अलावा इन कुकीज में हाई शुगर केसाथ ही प्रोसेस्ड इंग्रीडिएंट्स होते हैं। जो किसी भी तरह से फाइबर की कमी को पूरा नहीं करते। वहीं इसमे काफी सारे एडेडेटिव्स भी होते हैं। जो हेल्दी ऑप्शन तो बिल्कुल नहीं होते। तो अगर आप प्रोटीन कुकीज खा रहे तो पैकेट पर लिखे इंग्रीडिएंट्स को जरूर पढ़ लें।
प्रोटीन बार या ग्रेनोला बार
भूख लगी तो बस प्रोटीन बार खा लो। ये आपके वजन को घटाने की बजाय धीरे-धीरे बढ़ा देगा। फाइबर और ग्रेन से भरपूर दिखने वाले इन प्रोटीन बार को अगर ध्यान से ना देखा जाए तो इनमे कई बार शुगर, ऑयल और आर्टीफिशियल फ्लेवर की मात्रा ज्यादा होती है।
इंस्टेंट ओट्स के पैकेट्स
शाम की भूख के लिए अगर आप भी इंस्टेंट ओट्स बना लेती हैं तो जरा रुकें। ये इंस्टेंट ओट्स के पैकेट में न्यूट्रिशन काफी कम होते हैं। वहीं इसमे सब्जियां और डेयरी पाउडर या सीरप ड्राई फार्म में मिला होता है जो बॉडी को रियल न्यूट्रिशन नहीं देता। अगर न्यूट्रिशन से भरपूर ओट्स खाने हैं तो मार्केट से प्लेन रोल्ड ओट्स को खरीदकर उसमे सब्जियों और फल को मिलाकर खाएं।
फ्रूट जूस
फ्रूट जूस पीने से लगभग सारे ही न्यूट्रिशनिस्ट मना करते हैं। फ्रूट से निकाले गए जूस में केवल फ्रक्टोज एक तरह के ग्लोकूज की मात्रा ज्यादा बचती है जबकि फाइबर कंटेट पूरी तरह से निकल जाता है। ऐसे में इन फलों के जूस को पीने से पूरा फायदा नहीं मिलता। वहीं मार्केट में मिलने वाले पैकेट वाले जूस तो बिल्कुल भी नहीं पीने चाहिए। इनमें शुगर के साथ ही प्रिजरवेटिव की मात्रा भी ज्यादा होती है।
मल्टीग्रेन ब्रेड
ब्रेड चाहे मल्टीग्रेन हो या सिंगल ग्रेन, ये दोनों तरह से हार्मफुल होते हैं। कई बार ब्रेड को मल्टीग्रेन बनाने के लिए मोलेसस का इस्तेमाल करते हैं। वहीं ब्रेड से केवल कार्ब्स मिलता है तो इसे डाइट में शामिल कर वेट लॉस करना मुश्किल है।
वेट लॉस के लिए और हेल्दी रहने के लिए आजकल फैंसी डाइट काफी ज्यादा एक्टिव हो गई है। लोग मार्केट में मिलने वाले हेल्दी सब्स्टीट्यूट को खरीद रहे हैं और इसे डाइट में शामिल रहे हैं। लेकिन ये फूड्स ना केवल बॉडी में कैलोरी की मात्रा बढ़ाते हैं बल्कि इनमे मौजूद प्रिजरवेटिव्स हेल्थ के लिए हार्मफुल होते हैं। ऐसे में हेल्दी समझकर अगर ये फूड्स खाते हैं तो फौरन छोड़ दें।
हेल्दी प्रोटीन कुकीज
मार्केट में इंस्टेंट खाने के लिए हेल्दी कुकीज मिलती है। वेट लॉस के लिए काफी सारे लोग इन कुकीज को खाना पसंद करते हैं। हाई फाइबर और प्रोटीन रिच का दावा करने वाले के अलावा इन कुकीज में हाई शुगर केसाथ ही प्रोसेस्ड इंग्रीडिएंट्स होते हैं। जो किसी भी तरह से फाइबर की कमी को पूरा नहीं करते। वहीं इसमे काफी सारे एडेडेटिव्स भी होते हैं। जो हेल्दी ऑप्शन तो बिल्कुल नहीं होते। तो अगर आप प्रोटीन कुकीज खा रहे तो पैकेट पर लिखे इंग्रीडिएंट्स को जरूर पढ़ लें।
प्रोटीन बार या ग्रेनोला बार
भूख लगी तो बस प्रोटीन बार खा लो। ये आपके वजन को घटाने की बजाय धीरे-धीरे बढ़ा देगा। फाइबर और ग्रेन से भरपूर दिखने वाले इन प्रोटीन बार को अगर ध्यान से ना देखा जाए तो इनमे कई बार शुगर, ऑयल और आर्टीफिशियल फ्लेवर की मात्रा ज्यादा होती है।
इंस्टेंट ओट्स के पैकेट्स
शाम की भूख के लिए अगर आप भी इंस्टेंट ओट्स बना लेती हैं तो जरा रुकें। ये इंस्टेंट ओट्स के पैकेट में न्यूट्रिशन काफी कम होते हैं। वहीं इसमे सब्जियां और डेयरी पाउडर या सीरप ड्राई फार्म में मिला होता है जो बॉडी को रियल न्यूट्रिशन नहीं देता। अगर न्यूट्रिशन से भरपूर ओट्स खाने हैं तो मार्केट से प्लेन रोल्ड ओट्स को खरीदकर उसमे सब्जियों और फल को मिलाकर खाएं।
फ्रूट जूस
फ्रूट जूस पीने से लगभग सारे ही न्यूट्रिशनिस्ट मना करते हैं। फ्रूट से निकाले गए जूस में केवल फ्रक्टोज एक तरह के ग्लोकूज की मात्रा ज्यादा बचती है जबकि फाइबर कंटेट पूरी तरह से निकल जाता है। ऐसे में इन फलों के जूस को पीने से पूरा फायदा नहीं मिलता। वहीं मार्केट में मिलने वाले पैकेट वाले जूस तो बिल्कुल भी नहीं पीने चाहिए। इनमें शुगर के साथ ही प्रिजरवेटिव की मात्रा भी ज्यादा होती है।
मल्टीग्रेन ब्रेड
ब्रेड चाहे मल्टीग्रेन हो या सिंगल ग्रेन, ये दोनों तरह से हार्मफुल होते हैं। कई बार ब्रेड को मल्टीग्रेन बनाने के लिए मोलेसस का इस्तेमाल करते हैं। वहीं ब्रेड से केवल कार्ब्स मिलता है तो इसे डाइट में शामिल कर वेट लॉस करना मुश्किल है।



Journalist खबरीलाल














