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व्यापार post authorJournalist खबरीलाल LAST UPDATED ON:Thursday ,August 07,2025

News (खबरीलाल न्यूज़) : UPI अब फ्री नहीं, पेमेंट पर देना होगा चार्ज; गूगल पे-फोनपे यूजर्स पर क्या असर:

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देश में अब तक यूपीआई के जरिए लेनदेन पर किसी भी तरह का कोई चार्ज नहीं लगता है। लेकिन, अब प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा बैंक आईसीआईसीआई (ICICI) ने यूपीआई पेमेंट पर चार्ज करने की दिशा में एक कदम बढ़ाया है, जिससे डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों पर बुरा असर डाल सकता है।

अब बैंक गूगल पे, फोनपे, मोबिक्विक और रेजरपे जैसे पेमेंट एग्रीगेटर्स से UPI ट्रांजैक्शन के लिए फीस वसूलेगा। हालांकि, यहां राहत की बात यह आम ग्राहकों को सीधा चार्ज नहीं देना होगा, लेकिन उसका असर दुकानदार या कारोबार करने वालों पर होगा।

क्या है यह पूरा मामला?

फोनपे और गूगल पे जैसे पेमेंट एग्रीगेटर्स मर्चेंट और बैंकों के बीच एक पुल का काम करते हैं। जब भी कोई कस्टमर किसी वेबसाइट या ऐप पर यूपीआई के जरिए पेमेंट करता है, तो ये पेमेंट एग्रीगेटर्स उस लेनेदने को पूरा करते हैं। अब आईसीआईसीआई बैंक ने इस प्रोसेस के लिए हर लेनेदेन पर एक चार्ज करने का फैसला किया है।

UPI लेनदेन पर कितना लगेगा चार्ज

इस खबर को सामने आने के बाद लोग यह जानना चाह रहे हैं कि लेनदेन पर बैंक कितना चार्ज करेगा। अगर पेमेंट एग्रीगेटर का एस्क्रो अकाउंट आईसीआईसीआई बैंक में है तो, 2 बेसिस प्वाइंट्स (bps) या अधिकतम 6 रुपये प्रति लेनदेन लगेगा। अगर पेमेंट एग्रीगेटर का एस्क्रो आईसीआईसीआई में नहीं है, तो 4 बेसिस प्वाइंट्स (bps) या अधिकत 10 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन चार्ज लगेगा। अगर मर्चेंट का अकाउंट ICICI बैंक में है और यूपीआई लेनेदने उसी में सेटल होता है, तो यहां कोई चार्ज नहीं लगेगा। क्योंकि बैंक को उसका ब्याज मिलता है।

बैंक ने क्यों उठाया ये कदम?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर ने हाल ही में यूपीआई लेनदेन पर चार्ज को लेकर संकेत दिए थे। यूपीआई सिस्टम को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में बैंकों की लागत पर बोझ बढ़ रहा है। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी में भारी निवेश हो रहा है। जबकि, यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी की एमडीआर नहीं है। जिससे कोई कोई इनकम नहीं होती। ऐसे में बैंक अब पेमेंट एग्रीगेटर्स से रेवेन्यू जनरेट करने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्राहकों पर नहीं होगा सीधा असर

बता दें कि आईसीआईसीआई बैंक द्वारा यूपीआई लेनेदेन पर लगाए गए चार्ज से आम ग्राहकों पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, जानकारों का ऐसा मानना है कि पेमेंट एग्रीगेटर्स ये खर्च मर्चेंट्स पर डाल सकते हैं, जो आगे चलकर प्रोडक्ट या सर्विस की कीमत में इजाफे के रूप में ग्राहकों तक पहुंच सकता है। ICICI के अलावा Yes Bank और Axis Bank जैसे अन्य बैंक भी पेमेंट एग्रीगेटर्स से UPI ट्रांजैक्शन के लिए फीस वसूल रहे हैं।

बैंकों को नहीं हो रही आमदनी

दरअसल, ICICI, Axis और Yes Bank- तीनों UPI इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण रोल निभाते हैं। पेमेंट इंडस्ट्री से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि यूपीआई की पी2एम यानी ग्राहक से व्यापारी तक ट्रांजैक्शन में तेजी से इजाफा हुआ है। लेकिन बैंकों को इससे आमदनी नहीं हो रही। इसलिए चार्जिंग मॉडल की तरफ रुख करना लाजमी है।




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देश में अब तक यूपीआई के जरिए लेनदेन पर किसी भी तरह का कोई चार्ज नहीं लगता है। लेकिन, अब प्राइवेट सेक्टर का सबसे बड़ा बैंक आईसीआईसीआई (ICICI) ने यूपीआई पेमेंट पर चार्ज करने की दिशा में एक कदम बढ़ाया है, जिससे डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों पर बुरा असर डाल सकता है।

अब बैंक गूगल पे, फोनपे, मोबिक्विक और रेजरपे जैसे पेमेंट एग्रीगेटर्स से UPI ट्रांजैक्शन के लिए फीस वसूलेगा। हालांकि, यहां राहत की बात यह आम ग्राहकों को सीधा चार्ज नहीं देना होगा, लेकिन उसका असर दुकानदार या कारोबार करने वालों पर होगा।

क्या है यह पूरा मामला?

फोनपे और गूगल पे जैसे पेमेंट एग्रीगेटर्स मर्चेंट और बैंकों के बीच एक पुल का काम करते हैं। जब भी कोई कस्टमर किसी वेबसाइट या ऐप पर यूपीआई के जरिए पेमेंट करता है, तो ये पेमेंट एग्रीगेटर्स उस लेनेदने को पूरा करते हैं। अब आईसीआईसीआई बैंक ने इस प्रोसेस के लिए हर लेनेदेन पर एक चार्ज करने का फैसला किया है।

UPI लेनदेन पर कितना लगेगा चार्ज

इस खबर को सामने आने के बाद लोग यह जानना चाह रहे हैं कि लेनदेन पर बैंक कितना चार्ज करेगा। अगर पेमेंट एग्रीगेटर का एस्क्रो अकाउंट आईसीआईसीआई बैंक में है तो, 2 बेसिस प्वाइंट्स (bps) या अधिकतम 6 रुपये प्रति लेनदेन लगेगा। अगर पेमेंट एग्रीगेटर का एस्क्रो आईसीआईसीआई में नहीं है, तो 4 बेसिस प्वाइंट्स (bps) या अधिकत 10 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन चार्ज लगेगा। अगर मर्चेंट का अकाउंट ICICI बैंक में है और यूपीआई लेनेदने उसी में सेटल होता है, तो यहां कोई चार्ज नहीं लगेगा। क्योंकि बैंक को उसका ब्याज मिलता है।

बैंक ने क्यों उठाया ये कदम?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर ने हाल ही में यूपीआई लेनदेन पर चार्ज को लेकर संकेत दिए थे। यूपीआई सिस्टम को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में बैंकों की लागत पर बोझ बढ़ रहा है। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी में भारी निवेश हो रहा है। जबकि, यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी की एमडीआर नहीं है। जिससे कोई कोई इनकम नहीं होती। ऐसे में बैंक अब पेमेंट एग्रीगेटर्स से रेवेन्यू जनरेट करने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्राहकों पर नहीं होगा सीधा असर

बता दें कि आईसीआईसीआई बैंक द्वारा यूपीआई लेनेदेन पर लगाए गए चार्ज से आम ग्राहकों पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, जानकारों का ऐसा मानना है कि पेमेंट एग्रीगेटर्स ये खर्च मर्चेंट्स पर डाल सकते हैं, जो आगे चलकर प्रोडक्ट या सर्विस की कीमत में इजाफे के रूप में ग्राहकों तक पहुंच सकता है। ICICI के अलावा Yes Bank और Axis Bank जैसे अन्य बैंक भी पेमेंट एग्रीगेटर्स से UPI ट्रांजैक्शन के लिए फीस वसूल रहे हैं।

बैंकों को नहीं हो रही आमदनी

दरअसल, ICICI, Axis और Yes Bank- तीनों UPI इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण रोल निभाते हैं। पेमेंट इंडस्ट्री से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि यूपीआई की पी2एम यानी ग्राहक से व्यापारी तक ट्रांजैक्शन में तेजी से इजाफा हुआ है। लेकिन बैंकों को इससे आमदनी नहीं हो रही। इसलिए चार्जिंग मॉडल की तरफ रुख करना लाजमी है।




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