वेनेजुएला में आए भयानक भूकंप ने हजारों परिवारों के लिए जिंदगी हमेशा-हमेशा के लिए बदल दी है. सैकड़ों लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है और यह आंकड़ा हजारों में पहुंच सकता है. अभी भी लगभग 4 लाख लोग लापता हैं. हजारों लोग अब भी मलबे में फंसे हैं और उनके परिवार वाले उन्हें अपने हाथों से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं. एक ऐसी ही मां बेबसी और हताशा से जमीन पर मलबे में बदल चुकी इमारत के नीचे अपने बेटे को खोजती नजर आई.
एएफपी की रिपोर्टके अनुसार अम्पारो डेल ज्यूडिस नाम की यह मां अपने बेटे को ढूंढ़ने के लिए सीमेंट और पत्थरों के बड़े ढेर को अपने नंगे हाथों से हटाने की कोशिश कर रही थीं. उनका बेटा उस मलबे के नीचे दबा हुआ था. उन्हें अब भी उम्मीद थी कि शायह उनका बेटा अब भी जिंदा होगा. यह भूकंप वेनेजुएला में 1900 के बाद का सबसे शक्तिशाली भूकंप था.
बता दें कि बुधवार शाम वेनेजुएला के उत्तरी हिस्से में पहले 7.2 और फिर 7.5 तीव्रता के दो भूकंप आए थे. इनमें ला गुआइरा सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक था. गुरुवार रात तक (स्थानीय समयानुसार) 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और करीब 4,300 लोग घायल थे.
एक मां की बेबसी - समय बीतता गया, लेकिन सरकार की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची. इससे अम्पारो डेल ज्यूडिस परेशान हो गईं और गुस्से में मलबा हटाने लगीं. उन्होंने कहा, "यहां बहुत बड़े-बड़े पत्थर हैं. इन्हें नंगे हाथों से हटाना नामुमकिन है." वह उस जगह से थोड़ी दूर बैठी थीं, जहां उन्हें लगता था कि उनका बेटा मलबे में फंसा है.
वेनेजुएला में आए भयानक भूकंप ने हजारों परिवारों के लिए जिंदगी हमेशा-हमेशा के लिए बदल दी है. सैकड़ों लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है और यह आंकड़ा हजारों में पहुंच सकता है. अभी भी लगभग 4 लाख लोग लापता हैं. हजारों लोग अब भी मलबे में फंसे हैं और उनके परिवार वाले उन्हें अपने हाथों से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं. एक ऐसी ही मां बेबसी और हताशा से जमीन पर मलबे में बदल चुकी इमारत के नीचे अपने बेटे को खोजती नजर आई.
एएफपी की रिपोर्टके अनुसार अम्पारो डेल ज्यूडिस नाम की यह मां अपने बेटे को ढूंढ़ने के लिए सीमेंट और पत्थरों के बड़े ढेर को अपने नंगे हाथों से हटाने की कोशिश कर रही थीं. उनका बेटा उस मलबे के नीचे दबा हुआ था. उन्हें अब भी उम्मीद थी कि शायह उनका बेटा अब भी जिंदा होगा. यह भूकंप वेनेजुएला में 1900 के बाद का सबसे शक्तिशाली भूकंप था.
बता दें कि बुधवार शाम वेनेजुएला के उत्तरी हिस्से में पहले 7.2 और फिर 7.5 तीव्रता के दो भूकंप आए थे. इनमें ला गुआइरा सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक था. गुरुवार रात तक (स्थानीय समयानुसार) 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और करीब 4,300 लोग घायल थे.
एक मां की बेबसी - समय बीतता गया, लेकिन सरकार की ओर से कोई मदद नहीं पहुंची. इससे अम्पारो डेल ज्यूडिस परेशान हो गईं और गुस्से में मलबा हटाने लगीं. उन्होंने कहा, "यहां बहुत बड़े-बड़े पत्थर हैं. इन्हें नंगे हाथों से हटाना नामुमकिन है." वह उस जगह से थोड़ी दूर बैठी थीं, जहां उन्हें लगता था कि उनका बेटा मलबे में फंसा है.


Journalist खबरीलाल














