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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: सेवा, सुशासन और संकल्प को समर्पित रहा विधानसभा का मानसून सत्र, जनहित सर्वोपरि : मंत्री राजेश अग्रवाल :

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रिपोर्टर/सौरभ साहू कि रिपोर्ट, रायपुर छत्तीसगढ़।

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का अंतिम दिवस लोकतांत्रिक मूल्यों, जनसेवा, सुशासन और विकास के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। पूरे सत्र के दौरान प्रदेश के विकास, किसानों के हित, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण, पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक स्थलों के विकास तथा आम नागरिकों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। अंतिम दिन सदन में विभिन्न शासकीय एवं गैर-शासकीय विषयों पर विचार-विमर्श के साथ मानसून सत्र का समापन हुआ।प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने मानसून सत्र के समापन पर कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा जनता की भावनाओं और अपेक्षाओं का सर्वोच्च मंच है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में "सेवा, सुशासन और संकल्प" के मूल मंत्र के साथ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। किसानों की समृद्धि, युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, पर्यटन को नई पहचान देने तथा प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है।उन्होंने कहा कि विधानसभा के भीतर हुई स्वस्थ बहस लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। सरकार ने विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों का तथ्यों के साथ जवाब दिया और जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीरता के साथ अपनी बात रखी। लोकतंत्र में संवाद और चर्चा ही विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है और सरकार इसी भावना के साथ कार्य कर रही है।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास के नए युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है। पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं, धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है तथा प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का हर निर्णय जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में है। पारदर्शी प्रशासन, जवाबदेह व्यवस्था और संवेदनशील शासन के माध्यम से प्रदेश में सुशासन की नई मिसाल स्थापित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है जहां विकास का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति तक पहुंचे।



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रिपोर्टर/सौरभ साहू कि रिपोर्ट, रायपुर छत्तीसगढ़।

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का अंतिम दिवस लोकतांत्रिक मूल्यों, जनसेवा, सुशासन और विकास के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। पूरे सत्र के दौरान प्रदेश के विकास, किसानों के हित, युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सशक्तिकरण, पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक स्थलों के विकास तथा आम नागरिकों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। अंतिम दिन सदन में विभिन्न शासकीय एवं गैर-शासकीय विषयों पर विचार-विमर्श के साथ मानसून सत्र का समापन हुआ।प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने मानसून सत्र के समापन पर कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा जनता की भावनाओं और अपेक्षाओं का सर्वोच्च मंच है। राज्य सरकार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में "सेवा, सुशासन और संकल्प" के मूल मंत्र के साथ प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। किसानों की समृद्धि, युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, पर्यटन को नई पहचान देने तथा प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है।उन्होंने कहा कि विधानसभा के भीतर हुई स्वस्थ बहस लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। सरकार ने विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों का तथ्यों के साथ जवाब दिया और जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीरता के साथ अपनी बात रखी। लोकतंत्र में संवाद और चर्चा ही विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है और सरकार इसी भावना के साथ कार्य कर रही है।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास के नए युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है। पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं, धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है तथा प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का हर निर्णय जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में है। पारदर्शी प्रशासन, जवाबदेह व्यवस्था और संवेदनशील शासन के माध्यम से प्रदेश में सुशासन की नई मिसाल स्थापित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है जहां विकास का लाभ बिना किसी भेदभाव के हर व्यक्ति तक पहुंचे।


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